ब्रेकिंग
इंटीग्रल विश्वविद्यालय को एग्रोटेक 2026 में मिला “बेस्ट स्टॉल अवॉर्ड 2026 लखनऊ के अर्थशास्त्री डॉ. पी.सी. गुप्ता को मिला भारतीय डिज़ाइन पेटेंट, AI आधारित बिजनेस टूल किया विकस... भारतीय स्टार्टअप्स एवं उद्यमियों के लिए वैश्विक गंतव्य के रूप में कोरिया” विषय पर विशेष संवाद सत्र लखनऊ में पीएम सूर्य घर योजना पर उच्चस्तरीय बैठक, सौर ऊर्जा विस्तार पर बनी रणनीति तेजस्वी किसान मार्ट दुर्लभ न्यूरो-इंटरवेंशनल प्रक्रिया से ढाई वर्ष की बच्ची को मिल नया जीवन ​लखनऊ स्टार ऑइकन अवार्ड-2026: रैंप पर उतरा हौसला, दिव्यांग बच्चों और महिला सशक्तिकरण के नाम रही शाम ​गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगी 'नये भारत' की झलक: इरम एजुकेशनल सोसाइटी की भव्य झांकी देगी आत्मनिर्भरत... हवाई हमले से निपटने की तैयारी: NDRF ने 'ब्लैक आउट' मॉक ड्रिल में दिखाया दम ​संस्कारों के साथ शिक्षा की शुरुआत: गाजीपुर में दिखा भारतीय परंपरा का अद्भुत संगम ​गणतंत्र दिवस परेड में 'जय जगत' का अलख जगाएगा CMS, झाँकी के जरिए देगा विश्व एकता का संदेश
गोंडामुख्य समाचारशिक्षा

फ्लोरेंस नाइट एंजल के जन्म दिवस पर मेडिकल कालेज मे आयोजित हुआ कार्यक्रम

फ्लोरेंस के दया सेवा भाव से प्रेरणा लें नर्सेस स्टाफ :डॉक्टर कुलदीप पांडे

गोंडा : अशफ़ाक अहमद ::

जिला चिकित्सालय में आधुनिक नर्सिंग सेवा की जनक माने जाने वाली, “लेडी विद दी लैंप” के नाम से विश्व विख्यात नर्स फ्लोरेंस नाइट एंजल के जन्म दिवस पर मैटर्न दिनेश मिश्रा के नेतृत्व में एक कार्यक्रम का आयोजन पीकू वार्ड की लॉबी में आयोजित किया गया। सबसे पहले फ्लोरेंस के चित्र पर माल्या अर्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया गया। कार्यक्रम में शामिल हुए विशिष्ट अतिथियो में मेडिकल कालेज नोडल अधिकारी डॉक्टर कुलदीप पांडे, ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत में प्रथम लेडी नर्स “बाई काशी बाई” थी जिनका जन्म (1891) में हुआ था। वे मुंबई में अपनी सेवा से लोगों के बीच प्रसिद्ध हुई। उन्होंने उपस्थित नर्सेस से फ्लोरेंस के दया भाव और सेवा भाव को आत्मसात कर रोगियों की सेवा के लिए सदैव तत्पर्य रहने की बात कही।


अतिथि मेडिकल कालेज सुप्रीटेंडेंट डॉक्टर एम डबल्यू खान ने बताया कि 12 मई (1820) में इटली में जन्मी फ्लोरेंस एक समृद्ध परिवार से थी,वे ब्रिटिश नर्स थी।(1845) उन्होंने परिवार के लोगों द्वारा तमाम विरोधो के बावजूद अभावग्रस्त दीन दुखियों की सेवा का मार्ग चुना। उन्हें प्रसिद्धि तब मिली जब 23 महिला सदस्यों के साथ उन्हें क्रीमिया युद्ध के दौरान तुर्की स्थित रेडक्रॉस कैंप में युद्ध घायल लोगों की सेवा के लिए भेजा गया। वे रात में हाथों में लालटेन लेकर घायलों की सेवा करती। इस तरह लोग उन्हें “लेडी विद दी लैंप” कह कर पुकारने लगे। वह आधुनिक नर्सिंग युग की जनक भी मानी जाती है।(1910) में उनकी मृत्यु लंदन के इंग्लैंड में हुई। सेंट मार्गरेट गिरिजाघर में आज भी उनकी कब्र बनी हुई है। आज भी उनके द्वारा रोगियों और घायलों की सेवा के लिए मन दया भाव रखना, उनकी देखभाल करने की लगन का भाव चिकित्सा जगत को प्रेरणा देता चला आ रहा है। उन्होंने उपस्थित नर्सेस से कहा कि आधुनिक समय में नर्सेस स्टाफ की जिम्मेदारियां और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।चिकित्सालय में डॉक्टर्स के बाद यदि कोई व्यक्ति रोगी ,घायलों का ख्याल रखता है तो वो आप लोग हैं। आप लोग चिकित्सक के अंग हैं जिनके भरोसे पर हम लोगों की जान बचाने में सफल हो पाते है। चिकित्सा के क्षेत्र में आप लोगो का सेवा कार्य एक अलग ही महत्व रखता है।

सेंट मार्गरेट चर्च जहां फ्लोरेंस नाइट एंजल की कब्र मौजूद है

इस अवसर पर बालरोग विशेषज्ञ डॉक्टर आफताब आलम ने लोगों के आग्रह पर अपने कुछ अशआर भी पेश किए। अंत में मैटर्न दिनेश मिश्र ने आए हुए अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।
इस अवसर पर समस्त स्टाफ नर्सेस एवम कर्मचारी उपस्थित रहे।


Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button