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स्वास्थ्य

आई-क्यू ने 18 साल की सफलता का जश्न मनाया, 2025 के अंत तक 6 लाख आई चेक टेस्ट और 80 हजार सर्जरी का लक्ष्य रखा

लखनऊ : सम्वाददाता ::

भारत के सुपर-स्पेशियलिटी आई केयर हॉस्पिटल्स में से एक आई-क्यू (Eye-Q) को आंखों की देखभाल के क्षेत्र में सेवा करते हुए 18 साल पूरे हो गए हैं। आई-क्यू ने निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ते हुए साल 2025 के अंत तक 80,000 सर्जरी करने और अपनी नेटवर्क के जरिए 6,00,000 ज्यादा आंखों की जांच करने का बड़ा लक्ष्य रखा है।
आई-क्यू ने साल 2024 में 25,000 सफल सर्जरी कीं और 2 लाख से अधिक ओपीडी मरीजों कंसल्टेंट दिया। यह दर्शाता है कि वंचित समुदायों को आंखों की देखभाल सुलभ बनाने के अपने मिशन पर आईक्यू लगातार और बेहतर तरीके से आगे बढ़ रहा है। आई-क्यू 2007 में स्थापना के बाद से ही सस्ती और विश्वस्तरीय आंखों की देखभाल दे रहा है। आईक्यू ने तब से अब तक 1 करोड़ से अधिक आंखों की जांच और 6 लाख से अधिक सर्जरी जैसे बड़े लक्ष्य को पार कर लिया है।
आई-क्यू छोटे शहरों में आंखों की देखभाल के लिए सस्ता और बेहतर उपचार उपलब्ध करा रहा है। इसी वजह से आईक्यू की एक विश्वसनीय नाम के रूप में पहचान बनी है। हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों में इसका प्रभाव सबसे अधिक दिखाई देता है। इन राज्यों में आईक्यू की हाई क्वालिटी वाली सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। आई-क्यू की सेवाएं व्यापक रूप से फैली हुई हैं, जिनमें सामान्य आंखों की देखभाल, मोतियाबिंद सर्जरी, रेटिना उपचार, लेसिक सर्जरी, ग्लूकोमा उपचार, आईसीएल प्रोसीजर, भेंगापन सर्जरी (squint surgery) और ऑप्टिकल सेवाएं शामिल हैं। आई-क्यू रोगियों की देखभाल में किसी तरह की कोई कमी नहीं रखता है और यही वजह है कि इसने संक्रमण दर को अंतर्राष्ट्रीय मानकों से कम बनाए रखा है।
आई-क्यू आई हॉस्पिटल्स के फाउंडर और सीएमडी डॉ। अजय शर्मा, ने कहा, ‘आई-क्यू में हमारा मिशन हमेशा से स्पष्ट रहा है। हमारा उद्देश्य हर किसी को, चाहे उनका स्थान या आर्थिक स्थिति कुछ भी हो, वर्ल्ड क्लास आई केयर प्रदान करना है। इन वर्षों में हमने क्वालिटी वाली आई केयर सर्विस देने के प्रभाव को देखा है और यही दृष्टिकोण हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। अपनी 18वीं वर्षगांठ मनाते हुए, हम अपनी पहुंच का विस्तार करने, सेवाओं को और बेहतर बनाने और व्यक्तिगत देखभाल प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं, जो वास्तव में एक बड़ा बदलाव लाती है। मैं हमारी समर्पित टीम के प्रति अत्यंत आभारी हूं, जिनके जुनून और विशेषज्ञता हमारी सफलता की नींव रहे हैं। हम मिलकर लाखों लोगों के जीवन पर स्थायी प्रभाव डालना जारी रखेंगे।आई-क्यू आई हॉस्पिटल्स के को-फाउंडर और सीईओ श्री रजत गोयल ने कहा, ‘आई-क्यू नेअपनी स्थापना के बाद से 10,000 से अधिक मेडिकल प्रोफेशनल्स को ट्रेनिंग दी है और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बड़ा योगदान दिया है। आईक्यू के अस्पतालों में 45% महिलाएं काम कर रही हैं। इतना ही नहीं, इसके जरिए 5,000 से अधिक परिवारों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रोजगार का लाभ मिला है। आई-क्यू का कर्मचारियों की भलाई, उनकी देखभाल और सामुदायिक सेवा पर ध्यान केंद्रित करना इसे उद्योग में एक बेहतर स्थान दिलाने में मदद करता है।’
आई-क्यू ने भारत में अब तक 30 से अधिक सुपर-स्पेशलिटी हॉस्पिटल खोले हैं, साथ ही अफ्रीका के नाइजीरिया में तीन स्थानों पर अपनी सेवाएं शुरू की हैं। कंपनी दो नए सेंटर खोलने और अपने मौजूदा अस्पतालों की सुविधाओं को बेहतर करने की भी योजना बना रही है। आई-क्यू का यह विस्तार स्पेशल आई केयर की बढ़ती मांग को पूरा करने और चिकित्सा क्षेत्र में तकनीकी प्रगति में सबसे आगे रहने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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