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चेतन भगत ने किया ‘वर्ल्ड ऑफ बेसाल्ट रिइनफोर्समेंट’ का विमोचन: टिकाऊ इंजीनियरिंग की ओर एक नया कदम

मुंबई : ब्यूरो ::

साहित्य, इंजीनियरिंग और पर्यावरण चेतना के संगम का एक ऐतिहासिक क्षण मुंबई में देखने को मिला, जब प्रसिद्ध लेखक और आईआईटी के पूर्व छात्र चेतन भगत ने महेश कुमार जोगानी द्वारा लिखित बहुप्रतीक्षित पुस्तक ‘वर्ल्ड ऑफ बेसाल्ट रिइनफोर्समेंट’ का भव्य विमोचन किया। इस कार्यक्रम ने टिकाऊ सामग्री के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया और नवाचार व पर्यावरणीय जिम्मेदारी पर एक नई बहस की शुरुआत की।

चेतन भगत ने उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के तेजी से शहरीकरण के दौर में टिकाऊ सामग्री को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा, “सस्टेनेबल (स्थायी) सामग्री कोई विलासिता नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता है।” भगत ने जोगानी की संरचनात्मक मजबूती और व्यावहारिक नवाचार के प्रति समर्पण की सराहना की और कहा कि यह पुस्तक इंजीनियरों और नीति- निर्माताओं के लिए टिकाऊ और मजबूत समाधान खोजने में सहायक सिद्ध होगी।

‘वर्ल्ड ऑफ बेसाल्ट रिइनफोर्समेंट’ का केंद्र बिंदु है बेसाल्ट फाइबर, जो ज्वालामुखी चट्टान से प्राप्त एक अत्याधुनिक सामग्री है। अपनी अद्वितीय मजबूती, जंग-प्रतिरोध और कम पर्यावरणीय प्रभाव के कारण बेसाल्ट फाइबर पारंपरिक स्टील और ग्लास फाइबर का एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभर रहा है। पुस्तक में बेसाल्ट का विज्ञान, उसकी संरचना, गुणधर्म और एयरोस्पेस से लेकर ऑटोमोबाइल तक के वास्तविक अनुप्रयोगों को सरल भाषा में समझाया गया है।

जोगानी का कार्य प्रकृति और तकनीक के बीच समन्वय पर केंद्रित है । पुस्तक में स्पष्ट व्याख्याएं और व्यावहारिक उदाहरण दिए गए हैं, जो छात्रों, इंजीनियरों और नवप्रवर्तकों के लिए इसे बहुमूल्य बनाते हैं। अनेक केस स्टडी और अनुप्रयोग उदाहरण यह दर्शाते हैं कि बेसाल्ट फाइबर निर्माण और विनिर्माण में किस तरह क्रांति ला सकता है।

महेश कुमार जोगानी को कंपोजिट्स, औद्योगिक रिइनफोर्समेंट और मटेरियल साइंस में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे एक शोध इंजीनियर और टेक्नो-उद्यमी हैं, जिनके नाम कई पेटेंट हैं और जिन्होंने हमेशा टिकाऊपन, दक्षता और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी है। उनका व्यावहारिक दृष्टिकोण और वास्तविक समाधानों पर ध्यान उन्हें टिकाऊ निर्माण विधियों में अग्रणी बनाता है।

जोगानी कहते हैं, “मेरा उद्देश्य है कि इंजीनियर अलग सोचें। नवाचार को प्रकृति की कीमत पर नहीं आना चाहिए। बेसाल्ट के साथ हम प्रदर्शन और टिकाऊपन दोनों पा सकते हैं।”दुनिया भर में आधारभूत संरचना की मांग बढ़ने और जलवायु संकट गहराने के बीच ‘वर्ल्ड ऑफ बेसाल्ट रिइनफोर्समेंट’ एक महत्वपूर्ण समय पर आई है। यह केवल एक तकनीकी गाइड नहीं, बल्कि इंजीनियरों, डिजाइनरों और नीति-निर्माताओं की नई पीढ़ी के लिए एक आह्वान है कि वे नवाचार और स्थिरता को प्रगति के साझेदार के रूप में देखें।चेतन भगत ने पुस्तक का महत्व इन शब्दों में बताया: “यह सिर्फ इंजीनियरों के लिए नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए संदेश है जो एक स्मार्ट और हरित भविष्य में विश्वास करता है।”

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