नकली करेंसी बनाने वाले गिरोह के दो सदस्य पुलिस के चढ़े हत्थे, नकली करेंसी व उपकरण बरामद

गोंडा। न्यूज डेस्क::
पुलिस के अनुसार शुक्रवार के थाना नवाबगंज पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि कुछ लोग कस्बा नवाबगंज के बढ़ईपुरवा मोहल्ला के एक किराए के मकान में नकली भारतीय करेंसी का निर्माण किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल बताए गए स्थान पर पहुंचकर अभियुक्त अर्जुन गोस्वामी गोस्वामी निवासी ग्राम कमरौरा थाना कर्नलगंज को नकली नोट बनाते समय गिरफ्तार कर लिया । वही पुलिस के अनुसार पूछताछ में अर्जुन गोस्वामी ने बताया कि नकली करेंसी निर्माण में उसका सहयोग विश्वनाथ सिंह, तथा अयोध्या में भी एक स्थान पर नकली नोट बनाने की फैक्ट्री है। अर्जुन गोस्वामी की निशानदेही पर पुलिस टीम रामहाल्ट स्टेशन, अयोध्या स्थित एक निर्माणाधीन मकान में पहुँचकर अभियुक्त विश्वनाथ सिंह को गिरफ्तार किया । गिरफ्तारी के समय अभियुक्तों के कब्जे और कमरों से नकली करेंसी, करेंसी छापने की मशीनें, सांचे, कागज, प्रिंटर, रसायन, यूएसबी, कंप्यूटर उपकरण, हरे व सफेद रंग की नोट की तार बनाने की पन्नी, थिनर, डीकोटिंग पाउडर, हेयर ड्रायर, और अन्य निर्माण सामग्री बड़ी मात्रा में बरामद की गई। बरामद नकली नोटों में ₹100 के कुल 32 नकली नोट (₹3200 मूल्य) एवं 40 पृष्ठों पर ₹100, ₹200 व ₹500 के नोटों की छपाई शामिल थे। इसके अतिरिक्त, 31 सादा पृष्ठों पर नकली हॉलमार्क सहित आरबीआई जैसी छपाई, तथा 2 पृष्ठों पर महात्मा गांधी की तस्वीर व 200 व 500 अंकित नोट की छपाई भी मिलने का दावा कर रही है ।
पुलिस नोट के अनुसार पूछताछ के दौरान अभियुक्तगणों से ज्ञात हुआ कि यह लोग काफी सालो से नकली भारतीय करेंसी बनाने का कार्य कर रहे है। प्रारंभ में उन्होंने इंटरनेट और यूट्यूब के माध्यम से नकली नोट बनाने की विधियाँ सीखी बाद में लैपटॉप, प्रिंटर और नोट में प्रयुक्त चमकीली पन्नी तथा पेंट ऑनलाइन और स्थानीय बाजारों से एकत्र किए तत्पश्चात बनाये गए नकली नोटो का आम जनता को असली नकली की पहचान किए बिना ग्रामीण क्षेत्रों के कम पढ़े-लिखे दुकानदारों और फुटकर विक्रेताओं से से बदल देते थे। अभियुक्त अर्जुन इस गिरोह का सरगना है जिसका मुख्य सहयोगी विश्वनाथ सिंह है, जो न केवल नकली नोटों के निर्माण में तकनीकी सहायता देता है बल्कि नकली नोटों की आपूर्ति, वितरण एवं सौदे में भी भागीदार है। इस खुलासे पर पुलिस अधीक्षक ने पुलिस टीम को ₹25,000/- नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया । वही पुलिस ने अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।




