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लखनऊ

इंटीग्रल विश्वविद्यालय में शैक्षिक नवाचार, शोध और संप्रेषण कौशल पर एक सप्ताहीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का शुभारंभ

लखनऊ:सम्वाददाता::

इंटीग्रल विश्वविद्यालय, लखनऊ के ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट सेंटर (HRDC) द्वारा दिनांक 5 जुलाई से 10 जुलाई 2025 तक चलने वाले एक सप्ताहीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों के शिक्षण-प्रशिक्षण कौशल, अनुसंधान क्षमता और व्यावसायिक संप्रेषण दक्षता को सशक्त बनाना है।

कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक और विश्वविद्यालय के संस्थापक एवं चांसलर प्रो. सैयद वसीम अख्तर ने उद्घाटन सत्र में कहा कि शिक्षकों की भूमिका केवल ज्ञान का संप्रेषण नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार और नैतिक नागरिक बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में आईआईएम लखनऊ के निदेशक प्रो. एम.पी. गुप्ता ने शोध में नैतिकता और कठोरता की आवश्यकता पर बल देते हुए इसे राष्ट्र-निर्माण और समस्या समाधान की कुंजी बताया।

की-नोट भाषण में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जावेद मुसर्रत ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के क्रियान्वयन की रणनीतियों पर चर्चा करते हुए समावेशी और समग्र शिक्षा के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दोहराया।

प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं माननीय चांसलर के प्रमुख सलाहकार प्रो. फुरकान क़मर ने उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रणाली की स्थापना हेतु मजबूत शिक्षण, अधिगम और मूल्यांकन प्रणाली की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर कार्यक्रम के सह-संरक्षकों सैयद फौज़ान अख्तर (कार्यकारी निदेशक, IIMSR), अदनान अख्तर (कार्यकारी निदेशक, अंतर्राष्ट्रीय विभाग) एवं विशिष्ट अतिथि सैयद महमूद अख्तर (पूर्व IRS अधिकारी) की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। HRDC निदेशक प्रो. सैयद अकील अहमद ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के पहले दिन पेडागॉजिकल इनोवेशन और मॉडर्न असेसमेंट प्रैक्टिसेस जैसे फ्लिप्ड लर्निंग, हीयूटैगॉजी, प्रोजेक्ट-आधारित अधिगम और रूब्रिक मूल्यांकन जैसे व्यावहारिक उपायों पर प्रकाश डाला गया।

FDP के दौरान प्रतिभागी आउटकम-बेस्ड एजुकेशन (OBE), कक्षा सहभागिता रणनीतियाँ, पाठ्यक्रम डिज़ाइन, शैक्षणिक पर्यवेक्षण, तथा प्रोजेक्ट मूल्यांकन जैसे विषयों पर गहराई से अध्ययन करेंगे। साथ ही, उन्नत सत्रों में शोध प्रस्ताव निर्माण, सांख्यिकीय विश्लेषण उपकरण, एआई आधारित शोध अभ्यास, नैतिक प्रकाशन मानदंड, तथा प्रभावी अकादमिक संप्रेषण जैसे विषय शामिल होंगे—जो शिक्षकों को नेतृत्व कौशल से भी सुसज्जित करेंगे।

इस कार्यक्रम में लेडी श्रीराम कॉलेज (दिल्ली विश्वविद्यालय), अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय, बीबीएयू, जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, और एल्सेवियर रिसर्च जर्नल्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विद्वान और विशेषज्ञ सहभागिता कर रहे हैं।

इंटीग्रल विश्वविद्यालय अपने शिक्षकों के सतत् एवं संरचित व्यावसायिक विकास के माध्यम से शैक्षणिक उत्कृष्टता और सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित कर रहा है

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