तकनीक से आत्मनिर्भर बनेंगे किसान: ‘तेजस्वी किसान मार्ट’ ने एफपीओ और एसएचजी के लिए आयोजित किया विशेष वर्चुअल सेमिनार

लखनऊ | सम्वाददाता::
खेती में कटाई के बाद होने वाले नुकसान (Post-harvest loss) को कम करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आधुनिक तकनीक से लैस करने के उद्देश्य से ‘तेजस्वी किसान मार्ट’ द्वारा एक महत्वपूर्ण वर्चुअल सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। रविवार दोपहर 2 बजे गूगल मीट के माध्यम से आयोजित इस सेमिनार का मुख्य विषय “आधुनिक अनाज सुखाने की तकनीक एवं मथारू ज़ेड (Matharu Z) मोबाइल ग्रेन ड्रायर” रहा।
इस डिजिटल चौपाल में उत्तर प्रदेश सहित बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सैकड़ों किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और स्वयं सहायता समूहों (SHG) के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
मोबाइल ग्रेन ड्रायर: बिना बिजली के सूखेगा अनाज
सेमिमार में मथारू कंपनी के निदेशक गुरिंदर सिंह और तकनीकी विशेषज्ञ राघवेंद्र सिंह ने ‘मथारू ज़ेड मोबाइल ग्रेन ड्रायर’ की कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस मशीन की सबसे बड़ी विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
ट्रैक्टर संचालित तकनीक: यह ड्रायर पूरी तरह से ट्रैक्टर के पीटीओ (PTO) पर आधारित है, जिससे इसे खेत में कहीं भी ले जाकर संचालित किया जा सकता है।
बिजली की जरूरत नहीं: ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की अनिश्चितता को देखते हुए यह तकनीक बेहद कारगर है।
बहुउद्देश्यीय उपयोग: इसके माध्यम से धान, मक्का, सोयाबीन और अन्य अनाज की नमी को वैज्ञानिक तरीके से कम किया जा सकता है, जिससे अनाज खराब नहीं होता।
बेहतर बाजार मूल्य: अनाज सूखने के बाद एफपीओ इसे बेहतर दाम पर बाजार में बेच सकते हैं या सुरक्षित भंडारण कर सकते हैं।

”बाजार और तकनीक का सेतु है तेजस्वी किसान मार्ट”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तेजस्वी किसान मार्ट के संस्थापक इंजीनियर प्रकाश पांडेय ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल उत्पाद बेचना नहीं, बल्कि एफपीओ और एसएचजी को सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि तेजस्वी संगठन न्यास के माध्यम से किसानों को नई तकनीक, उचित प्रशिक्षण और राष्ट्रीय स्तर का बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि वे बिचौलियों पर निर्भर न रहें।
देशभर के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी हिमांशु चतुर्वेदी द्वारा संचालित इस सेमिनार में कोशी केयर फाउंडेशन, शिवबंकी एफपीसीएल, रूपवारा मारवन फेड, और ईसरपुरा एफपीओ जैसे प्रमुख संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके साथ ही स्मिता, जितेंद्र वर्मा, हुकम सिंह, प्रमोद बिराजदार और वीरेश सहित कई अन्य प्रगतिशील किसान एवं समूह सदस्य जुड़े रहे।




