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​संस्कारों के साथ शिक्षा की शुरुआत: गाजीपुर में दिखा भारतीय परंपरा का अद्भुत संगम

रायगंज, गाज़ीपुर के शिशु मंदिर में भव्य सरस्वती पूजन और अनुष्ठान संपन्न"

​गाजीपुर। सम्वाददाता::

शिक्षा और संस्कारों के संगम, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, रायगंज में शुक्रवार को भव्य ‘सरस्वती पूजन’ एवं ‘विद्यारंभ संस्कार’ समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यालय का परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।

​पुष्पार्चन और दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ

​कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्पार्चन के साथ हुई। इस अवसर पर विद्यालय की प्रबंध समिति के गणमान्य पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

​राम बहादुर सिंह (अध्यक्ष)

​विजय कुमार राय (प्रबंधक)

​अंजनी कुमार श्रीवास्तव (कोषाध्यक्ष)

​दाऊजी उपाध्याय (प्रधानाचार्य)

​विद्यारंभ संस्कार: शहद से जिह्वा पर लिखा गया ‘ॐ’

​समारोह का मुख्य आकर्षण नवीन छात्रों का विद्यारंभ संस्कार रहा। भारतीय परंपरा के अनुसार, गुरुओं ने नव-प्रवेशी विद्यार्थियों की जिह्वा पर शहद से ‘ॐ’ लिखकर उनके शैक्षिक जीवन का मंगलारंभ किया। इस पवित्र अनुष्ठान का उद्देश्य बच्चों में एकाग्रता और ज्ञान के प्रति रुचि जागृत करना है।

​”विद्यारंभ संस्कार केवल अक्षर ज्ञान की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह बालक के भीतर संस्कार और बौद्धिक चेतना जगाने की एक प्राचीन परंपरा है।” — प्रबंध समिति

​हवन और प्रसाद वितरण के साथ समापन

​पूजन के उपरांत वैदिक रीति-रिवाजों के साथ हवन और भव्य आरती संपन्न हुई। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और अतिथियों को प्रसाद वितरित किया गया।

​इस गौरवमयी क्षण के साक्षी विद्यालय के समस्त आचार्य बंधु, आचार्या बहनें, कर्मचारीगण और बड़ी संख्या में अभिभावक बने। विद्यालय प्रशासन ने सभी नवागंतुक छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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