हवाई हमले से निपटने की तैयारी: NDRF ने ‘ब्लैक आउट’ मॉक ड्रिल में दिखाया दम

वाराणसी | सम्वाददाता::
उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन तैयारियों को परखने के लिए नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के सभी जनपदों में ‘ब्लैक आउट मॉक अभ्यास’ का आयोजन किया गया। इस विशेष अभ्यास में 11वीं बटालियन एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों ने अपनी पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए प्रमुख भूमिका निभाई।
उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में एनडीआरएफ की टीमों ने उत्तर प्रदेश के निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों में सक्रिय रूप से भाग लिया:
वाराणसी
लखनऊ
गोरखपुर
चंदौली
मिर्जापुर
क्या था इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य?
इस ड्रिल का प्राथमिक लक्ष्य युद्ध या हवाई हमले जैसी स्थिति में जान-माल के नुकसान को कम करना था। मुख्य बिंदुओं में शामिल थे:
जन जागरूकता: नागरिकों को संभावित हवाई हमले की स्थिति के प्रति सचेत करना।
सुरक्षित निकासी: लोगों को कम से कम समय में सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाना।
समन्वय: विभिन्न सरकारी एजेंसियों और स्टेकहोल्डर्स के बीच तालमेल को मजबूत करना।
संसाधन प्रबंधन: उपलब्ध आपातकालीन संसाधनों का सही समय पर प्रभावी उपयोग।

सायरन बजते ही थम गई शहरों की रफ्तार
अभ्यास की शुरुआत शाम 18:00 बजे हाई एवं लो टोन सायरन की चेतावनी के साथ हुई। सायरन बजते ही:
घरों, दुकानों और सार्वजनिक प्रतिष्ठानों की लाइटें बंद कर दी गईं।
नागरिकों से सुरक्षित स्थानों (Shelters) में रहने की अपील की गई।
पूरे क्षेत्र में ‘ब्लैक आउट’ की स्थिति पैदा कर हवाई हमले से बचाव का अभ्यास किया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन का प्रदर्शन: अभ्यास के अगले चरण में एनडीआरएफ ने आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर ‘मलबे में फंसे’ लोगों को निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। घायलों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार (First Aid) देकर एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुँचाने का सफल रिहर्सल किया गया।
इस मॉक ड्रिल के माध्यम से एनडीआरएफ ने एक बार फिर साबित किया कि वह किसी भी विषम परिस्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस अभ्यास ने न केवल सुरक्षा एजेंसियों के आत्मविश्वास को बढ़ाया है, बल्कि आम नागरिकों को भी संकट के समय सुरक्षित रहने का पाठ पढ़ाया है।




