गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगी ‘नये भारत’ की झलक: इरम एजुकेशनल सोसाइटी की भव्य झांकी देगी आत्मनिर्भरता का संदेश

लखनऊ | सम्वाददाता::
26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर इस बार लखनऊ की सड़कों पर “नया भारत – आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत” की संकल्पना साकार होती दिखेगी। इरम एजुकेशनल सोसाइटी द्वारा तैयार की गई इस भव्य और संदेशपरक झांकी का अनावरण प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से किया गया।
सोसाइटी के प्रबंधक ख़्वाजा बजमी यूनुस ने प्रेस वार्ता की अध्यक्षता करते हुए झांकी की प्रमुख विशेषताओं और इसके पीछे के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
झांकी के मुख्य आकर्षण: प्रगति और शौर्य का संगम
इरम एजुकेशनल सोसाइटी की यह झांकी आधुनिक भारत के उन स्तंभों को दर्शाती है जो देश को वैश्विक शक्ति बना रहे हैं:
भारत माता का स्वरूप: झांकी के अग्रभाग में भारत माता का स्वरूप देश की एकता, अखंडता और अटूट राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है।
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: देश की बदलती तस्वीर को दिखाने के लिए इसमें तेज़ रफ्तार मेट्रो रेल और वंदे भारत एक्सप्रेस के मॉडलों को शामिल किया गया है, जो उन्नत परिवहन तंत्र का संदेश देते हैं।

वैज्ञानिक कौशल (ISRO): अंतरिक्ष विज्ञान और नवीकरणीय ऊर्जा में भारत की आत्मनिर्भरता को ‘सोलर सिस्टम’ और इसरो की उपलब्धियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।

शौर्य का प्रतीक ‘ऑपरेशन सिंदूर’: भारतीय सेना के साहस और देश की संप्रभुता की रक्षा के संकल्प को दर्शाने के लिए झांकी में “ऑपरेशन सिंदूर” को विशेष स्थान दिया गया है।
”इस झांकी का उद्देश्य केवल प्रदर्शन मात्र नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को आत्मनिर्भर और विकसित भारत के सपने से जोड़ना है। हम शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्रीय मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाना चाहते हैं।”
— ख़्वाजा बजमी यूनुस, प्रबंधक, इरम एजुकेशनल सोसाइटी
राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया गया कि इरम एजुकेशनल सोसाइटी दशकों से शिक्षा के माध्यम से सामाजिक चेतना जगाने का कार्य कर रही है। प्रबंधक बज़मी यूनुस ने आम नागरिकों से अपील की कि वे 26 जनवरी को इस भव्य झांकी के साक्षी बनें और गणतंत्र दिवस को राष्ट्रीय गौरव के साथ मनाएं।




