ब्रेकिंग
इंटीग्रल विश्वविद्यालय को एग्रोटेक 2026 में मिला “बेस्ट स्टॉल अवॉर्ड 2026 लखनऊ के अर्थशास्त्री डॉ. पी.सी. गुप्ता को मिला भारतीय डिज़ाइन पेटेंट, AI आधारित बिजनेस टूल किया विकस... भारतीय स्टार्टअप्स एवं उद्यमियों के लिए वैश्विक गंतव्य के रूप में कोरिया” विषय पर विशेष संवाद सत्र लखनऊ में पीएम सूर्य घर योजना पर उच्चस्तरीय बैठक, सौर ऊर्जा विस्तार पर बनी रणनीति तेजस्वी किसान मार्ट दुर्लभ न्यूरो-इंटरवेंशनल प्रक्रिया से ढाई वर्ष की बच्ची को मिल नया जीवन ​लखनऊ स्टार ऑइकन अवार्ड-2026: रैंप पर उतरा हौसला, दिव्यांग बच्चों और महिला सशक्तिकरण के नाम रही शाम ​गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगी 'नये भारत' की झलक: इरम एजुकेशनल सोसाइटी की भव्य झांकी देगी आत्मनिर्भरत... हवाई हमले से निपटने की तैयारी: NDRF ने 'ब्लैक आउट' मॉक ड्रिल में दिखाया दम ​संस्कारों के साथ शिक्षा की शुरुआत: गाजीपुर में दिखा भारतीय परंपरा का अद्भुत संगम ​गणतंत्र दिवस परेड में 'जय जगत' का अलख जगाएगा CMS, झाँकी के जरिए देगा विश्व एकता का संदेश
मुख्य समाचारलखनऊशिक्षा

​गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगी ‘नये भारत’ की झलक: इरम एजुकेशनल सोसाइटी की भव्य झांकी देगी आत्मनिर्भरता का संदेश

​लखनऊ | सम्वाददाता::

​26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर इस बार लखनऊ की सड़कों पर “नया भारत – आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत” की संकल्पना साकार होती दिखेगी। इरम एजुकेशनल सोसाइटी द्वारा तैयार की गई इस भव्य और संदेशपरक झांकी का अनावरण प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से किया गया।

​सोसाइटी के प्रबंधक ख़्वाजा बजमी यूनुस ने प्रेस वार्ता की अध्यक्षता करते हुए झांकी की प्रमुख विशेषताओं और इसके पीछे के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

 

​झांकी के मुख्य आकर्षण: प्रगति और शौर्य का संगम

​इरम एजुकेशनल सोसाइटी की यह झांकी आधुनिक भारत के उन स्तंभों को दर्शाती है जो देश को वैश्विक शक्ति बना रहे हैं:

​भारत माता का स्वरूप: झांकी के अग्रभाग में भारत माता का स्वरूप देश की एकता, अखंडता और अटूट राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है।

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: देश की बदलती तस्वीर को दिखाने के लिए इसमें तेज़ रफ्तार मेट्रो रेल और वंदे भारत एक्सप्रेस के मॉडलों को शामिल किया गया है, जो उन्नत परिवहन तंत्र का संदेश देते हैं।

​वैज्ञानिक कौशल (ISRO): अंतरिक्ष विज्ञान और नवीकरणीय ऊर्जा में भारत की आत्मनिर्भरता को ‘सोलर सिस्टम’ और इसरो की उपलब्धियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।

​शौर्य का प्रतीक ‘ऑपरेशन सिंदूर’: भारतीय सेना के साहस और देश की संप्रभुता की रक्षा के संकल्प को दर्शाने के लिए झांकी में “ऑपरेशन सिंदूर” को विशेष स्थान दिया गया है।

​”इस झांकी का उद्देश्य केवल प्रदर्शन मात्र नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को आत्मनिर्भर और विकसित भारत के सपने से जोड़ना है। हम शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्रीय मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाना चाहते हैं।”

— ख़्वाजा बजमी यूनुस, प्रबंधक, इरम एजुकेशनल सोसाइटी

​राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता

​प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया गया कि इरम एजुकेशनल सोसाइटी दशकों से शिक्षा के माध्यम से सामाजिक चेतना जगाने का कार्य कर रही है। प्रबंधक बज़मी यूनुस ने आम नागरिकों से अपील की कि वे 26 जनवरी को इस भव्य झांकी के साक्षी बनें और गणतंत्र दिवस को राष्ट्रीय गौरव के साथ मनाएं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button