महाराष्ट्र राज्य की वर्चुअल संगोष्ठी बनी ऐतिहासिक पहल, 12 राज्यों के प्रतिनिधियों ने साझा किए विचार
तेजस्वी किसान मार्ट के तत्वावधान में आयोजित हुई पहली परिचयात्मक संगोष्ठी, एफपीओ व्यापार सहयोग की दिशा में बढ़ा महत्वपूर्ण कदम

लखनऊ : ब्यूरो ::
तेजस्वी किसान मार्ट द्वारा आयोजित महाराष्ट्र राज्य की पहली परिचयात्मक वर्चुअल संगोष्ठी ने देशभर के किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओs) के बीच नई व्यापारिक संभावनाओं का शुभारंभ किया है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को किया गया, जिसमें महाराष्ट्र सहित 12 राज्यों से प्रतिनिधियों ने भाग लिया और आपसी व्यापार सहयोग के नए आयामों पर विचार-विमर्श किया।
संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य महाराष्ट्र के साथ-साथ अन्य राज्यों के एफपीओs के बीच मजबूत पारस्परिक व्यापार संबंध स्थापित करना था। इस मंच के माध्यम से किसानों और एफपीओs को स्थानीय कृषि उत्पादों, भंडारण, स्टोर प्रबंधन और विपणन के व्यवहारिक सुझावों का अवसर मिला। इसके साथ ही, सभी प्रतिभागियों ने भविष्य में राज्यवार व्यापार मेलों और प्रशिक्षण सत्रों के आयोजन का भी प्रस्ताव रखा।
कार्यक्रम में तेजस्वी किसान मार्ट के राष्ट्रीय संगठन मंत्री हिमांशु चतुर्वेदी, मीडिया प्रमुख राजीव पांडेय, और संस्थापक इंजीनियर प्रकाश पांडेय की उपस्थिति अभिन्न रही।
मुख्य वक्ताओं में पश्चिम बंगाल से भोलनाथ महतो और मुकुल अधिकारी, उत्तर प्रदेश से चंद्र सेन सिंह व पंकज मिश्रा, झारखंड से राजेंद्र महतो, असम से लोंग बिर बे, छत्तीसगढ़ से त्रिलोक कुमार, तेलंगाना से आर. शंकर, गुजरात से महेश भाई आहिर और कल्पेश भाई, कर्नाटक से श्रीनिवासन, तमिलनाडु से प्रभु रामसाई, जम्मू-कश्मीर से राजेश कुमार, बिहार से महंत मृत्युंजय दास और श्री केशव नारायण कुशवाहा, तथा महाराष्ट्र से आयोजक दल के प्रमुख सदस्य जैसे केशव सुरवणे, श्री सतीश हातुरे और सुमित कावले ने अपने विचार व्यक्त किए।
*राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा संवाद पहली बार*
यह संगोष्ठी तेजस्वी किसान मार्ट के “एफपीओ से एफपीओ व्यापार” के दृष्टिकोण को मजबूत करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुई। वक्ताओं ने स्थानीय कृषि उत्पादों का विपणन, भंडारण और स्टोर प्रबंधन पर व्यावहारिक सुझाव दिए, और आने वाले समय में स्थानीय व्यापार मेलों एवं प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन करने पर सहमति जताई।
इस अभियान का मकसद देश के किसानों, एफपीओs और एसएचजी को एक साझा डिजिटल तथा भौतिक मंच पर लाकर सीधी बाजार पहुंच, न्यूनतम बिचौलियों का हस्तक्षेप और स्थानीय ब्रांड निर्माण को विस्तार देना है। इस संगोष्ठी ने इस लक्ष्य को नई ऊर्जा दी है, और आने वाले समय में और अधिक राज्यों के जुड़ने के संभावनाओं को बल प्रदान किया है।
इंजीनियर प्रकाश पांडेय ने संगोष्ठी के समापन पर सभी प्रतिभागियों का आभार जताते हुए इसे “भावी कृषि व्यापार क्रांति की दिशा में एक ठोस शुरुआत” करार दिया। यह आयोजन किसान समुदाय के बीच व्यापारिक जागरूकता और सहयोग को बढ़ावा देने में निर्णायक भूमिका निभाएगा, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।




