मानसून 2026: बाढ़ से निपटने के लिए UP के कई जिलों में NDRF का मेगा मॉक ड्रिल, परखी गईं तैयारियाँ
’आपदा प्रबंधन के लिए हर चुनौती से निपटने को तैयार है NDRF’ — उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा
वाराणसी | सम्वाददाता::
आगामी मानसून सत्र के दौरान संभावित बाढ़ और आपातकालीन स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आज उत्तर प्रदेश के कई जिलों में एक व्यापक संयुक्त मॉक अभ्यास (Mega Mock Drill) का सफल आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) के तत्वावधान में आयोजित इस अभ्यास में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), जिला प्रशासन, SDRF, नागरिक पुलिस, जल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न सहयोगी एजेंसियों ने अपनी तैयारियों को परखा।
इस महा-अभ्यास का मुख्य उद्देश्य किसी भी आपदा की स्थिति में विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता की जांच करना और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग को सुदृढ़ करना था, ताकि संकट के समय जन-धन की हानि को कम से कम किया जा सके।
इन जिलों में हुआ यथार्थपरक प्रदर्शन
एनडीआरएफ (NDRF) की फ्लड वॉटर रेस्क्यू टीमों ने उप महानिरीक्षक (DIG) श्री मनोज कुमार शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश के कई बाढ़ संवेदनशील जनपदों में सक्रिय भागीदारी निभाई। यह मॉक ड्रिल मुख्य रूप से निम्नलिखित जिलों में आयोजित की गई:
गोरखपुर
महराजगंज
लखनऊ
उन्नाव
गाजीपुर
वाराणसी
लाइव रेस्क्यू परिदृश्यों का हुआ सजीव प्रदर्शन
मॉक ड्रिल के दौरान वास्तविक आपदा जैसी स्थितियों (Real-time Scenarios) को री-क्रिएट किया गया, जिसमें टीमों की तत्परता देखने को मिली:
नाव पलटने और डूबने की घटना: नदी में अचानक यात्री नौका पलटने और लोगों के डूबने की स्थिति में त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
अचानक आई बाढ़ (Flash Floods): बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे नागरिकों को सुरक्षित निकालने और उन्हें प्राथमिक चिकित्सा देने का अभ्यास किया गया।
आधुनिक उपकरणों का प्रयोग: खोज एवं बचाव अभियानों में एनडीआरएफ के अत्याधुनिक लाइफ-सेविंग उपकरणों, हाई-स्पीड नावों और विशेष आपदा प्रतिक्रिया तकनीकों का प्रदर्शन हुआ।
पूरे अभ्यास के दौरान इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (IRS) के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया गया। अभ्यास के समापन पर सभी सहभागी विभागों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन की समीक्षा की और कमियों को सुधारने तथा आपसी समन्वय को और मजबूत करने का संकल्प लिया।
”एनडीआरएफ अत्याधुनिक उपकरणों, उच्च प्रशिक्षित मानव संसाधन और समर्पित जवानों के साथ किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार है। यह मेगा मॉक अभ्यास आगामी मानसून के दौरान हमारी तैयारियों को परखने और विभिन्न एजेंसियों के बीच आपसी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम है।”
— श्री मनोज कुमार शर्मा, उप महानिरीक्षक (NDRF)



इस सफल अभ्यास ने यह साफ कर दिया है कि मानसून 2026 में बाढ़ की किसी भी चुनौती से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश का प्रशासन और एनडीआरएफ पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं।