
लखनऊ : सम्वाददाता::
इंटीग्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल साइंस एंड टेक्नोलॉजी (IIAST), इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, लखनऊ ने उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (UPCAR) के सहयोग से “विकसित भारत के लिए AI एवं रोबोटिक्स आधारित स्मार्ट कृषि” विषय पर अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस AIRSA-VBCON 2025 का शुभारंभ किया। दो दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य भारतीय कृषि को तकनीक-आधारित, नवोन्मेषी एवं टिकाऊ बनाने के लिए समाधान प्रस्तुत करना है।

उद्घाटन सत्र में देश-विदेश से आए शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों, कृषि उद्यमियों एवं प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। इस दौरान कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स एवं स्मार्ट तकनीकों की भूमिका पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ, जिससे भविष्य की कृषि को अधिक सक्षम एवं लचीला बनाया जा सके।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिनेश प्रताप सिंह, माननीय राज्यमंत्री, उद्यान, कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार, उत्तर प्रदेश सरकार ने इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्नत तकनीकों के प्रयोग से कृषि उत्पादन, किसानों की आय तथा खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ किया जा सकता है।

प्रो. एस. डब्ल्यू. अख्तर, माननीय कुलाधिपति एवं संस्थापक, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी ने कहा कि AI एवं आधुनिक तकनीकों का समावेश कृषि क्षेत्र की स्थिरता संबंधी चुनौतियों का समाधान करने में सहायक होगा और ग्रामीण विकास के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकेगा।

प्रो. पंजाब सिंह, माननीय कुलाधिपति, रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी ने जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न जल संकट एवं भूमि क्षरण को गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि AI एवं रोबोटिक्स आधारित स्मार्ट कृषि जलवायु-अनुकूल खेती के लिए प्रभावी समाधान प्रदान करती है।

इस अवसर पर डॉ. मनोज नार्देओसिंह, महासचिव, अफ्रीकी-एशियाई ग्रामीण विकास संगठन (AARDO), नई दिल्ली ने वसुधैव कुटुम्बकम की भावना के तहत AI एवं रोबोटिक्स की वैश्विक भूमिका पर प्रकाश डाला। वहीं एच.ई. मुस्तफा जवारा, भारत में गाम्बिया के उच्चायुक्त ने सतत कृषि विकास के लिए क्षेत्रीय सहयोग एवं ज्ञान साझेदारी पर बल दिया।
डॉ. सैयद नदीम अख्तर, माननीय प्रो-चांसलर इंटीग्रल यूनिवर्सिटी ने कृषि में AI की बढ़ती प्रासंगिकता पर चर्चा की, जबकि प्रो. जावेद मुसर्रत, माननीय कुलपति इंटीग्रल यूनिवर्सिटी ने अनुसंधान-आधारित नवाचार, अंतर-विषयक सहयोग एवं क्षमता निर्माण के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता दोहराई।
सम्मेलन में नेपाल के पूर्व कृषि मंत्री अकबाल अहमद शाह, डॉ. एम. जे. खान, चेयरमैन एमेरिटस, ICFA, डॉ. माज़िन अल मसूदी, लीग ऑफ अरब स्टेट्स, सुनील चौधरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, उत्तर प्रदेश सरकार, पद्मश्री कलीमुल्लाह खान, मैंगो मैन ऑफ इंडिया, पद्मश्री उमा शंकर पांडेय, वाटरमैन ऑफ इंडिया, डॉ. संजय सिंह, महानिदेशक, UPCAR सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही।
कांग्रेस के अंतर्गत AIRSA-VBCON 2025 एक्सपो का भी उद्घाटन किया गया, जिसमें AI-सक्षम कृषि समाधान, रोबोटिक्स आधारित अनुप्रयोग तथा कृषि उत्पादकता एवं स्थिरता बढ़ाने वाले नवाचारी मॉडल प्रदर्शित किए गए।
यह अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के सहयोग से तथा GIZ सहित विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के समर्थन से आयोजित की जा रही है। AIRSA-VBCON 2025 के संयोजक एवं इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के कुलसचिव प्रो. मोहम्मद हारिस सिद्दीकी ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. अलवीना फारूकी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो. सबा सिद्दीकी द्वारा प्रस्तुत किया गया।




