नहीं रहे इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रो वाइस चांसलर प्रोफेसर सैयद मुज़फ़्फ़र इक़बाल

लखनऊ: सम्वाददाता::
लखनऊ के प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्थान इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रो वाइस चांसलर प्रोफ़ेसर सैयद मुज़फ़्फ़र इक़बाल का 87 साल की उम्र में निधन हो गया। मंगलवार सुबह 10 बजे उन्होंने लखनऊ के गोमती नगर में स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। प्रोफ़ेसर ज़फ़र इक़बाल एक प्रख्यात विद्वान और पेशेवर सेवाओं से जुड़ी एक अज़ीम शख़्सियत थी। प्रोफेसर मुज़फ़्फ़र इक़बाल वर्ष 1996 से 2016 के दौरान इंटीग्रल यूनिवर्सिटी से जुड़े थे। प्रो. एस.एम. इकबाल ने इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में प्रो-वाइस-चांसलर और चीफ़ एकेडेमिक कंसल्टेंट सहित कई महत्वपूर्ण और असाधारण भूमिकाएँ निभाईं थीं। इंटीग्रल यूनिवर्सिटी ने प्रोफ़ेसर मुज़फ़्फ़र इक़बाल के निधन पर एक शोक सभा का आयोजन किया जिसमें उनकी मग़फिरत की दुआएं की गईं। इस दौरान इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रोफ़ेसर सैयद वसीम अख़्तर ने कहा कि प्रोफेसर इक़बाल के निधन से उन्हें गहरा सदमा लगा है। प्रोफेसर वसीम ने इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी भरपाई करना बहुत मुश्किल है और अकादमिक हलकों के लिए यह एक बड़ी क्षति है।
प्रोफ़ेसर मुज़फ़्फ़र इक़बाल ने 1962 में ए.एम.यू. से बीटेक और 1978 में आईआईटी कानपुर से एम.टेक किया। उन्होंने यूपी जल निगम में सेवाएँ दीं और चीफ़ इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त हुए। गंगा–जमुना एक्शन प्लान सहित अनेक राष्ट्रीय परियोजनाओं में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। सेवानिवृत्ति के बाद वे इंटीग्रल यूनिवर्सिटी से जुड़े रहे। उन्होंने यूनिवर्सिटी में शोध के लिए बहुमूल्य सुझाव दिए और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता में अहम योगदान निभाया। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय के प्रशासनिक, अकादमिक प्लानिंग और विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रोफ़ेसर मुज़फ़्फ़र इक़बाल, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मरहूम सैयद सगीर अहमद के छोटे भाई थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा एक पुत्र डॉ. जावेद इक़बाल हैं, जो अमेरिका में रहते हैं। अल्लाह तआला मरहूम को अपनी रहमत से नवाज़े और परिजनों को सब्र-ए-जमील अता करे। आमीन।



