इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में ‘AIU नेशनल मूट कोर्ट’ का समापन: बीएचयू ने लहराया जीत का परचम

लखनऊ | सम्वाददाता::
इंटीग्रल विश्वविद्यालय के विधि संकाय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय AIU राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2026 का शनिवार को भव्य पुरस्कार वितरण समारोह के साथ समापन हुआ। देश के कानूनी गलियारों में अपनी पहचान बनाने वाले 40 प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के बीच चले इस ‘कानूनी महासंग्राम’ में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) ने फाइनल मुकाबले में बाजी मारते हुए चैंपियनशिप अपने नाम की।
तर्क और संस्कृति का संगम
प्रतियोगिता का स्तर: 9 अप्रैल को दीप प्रज्ज्वलन से शुरू हुए इस आयोजन में देशभर के 40 टॉप लॉ कॉलेजों ने हिस्सा लिया।
बौद्धिक द्वंद्व: 10 अप्रैल को आयोजित प्रीलिम्स और सेमीफाइनल राउंड्स में प्रतिभागियों ने जटिल कानूनी मूट समस्याओं पर अपनी धारदार दलीलों से जूरी को प्रभावित किया।
सांस्कृतिक शाम: तनावपूर्ण मुकाबलों के बीच शैल्ली कपूर के ग़ज़ल गायन ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।

🏆 सम्मान का मंच: किसे क्या मिला?
अंतिम दौर का फैसला जस्टिस फैज आलम खान (सदस्य, NCLAT), एडवोकेट अनस तनवीर और प्रो. वरुण छाछड़ (लखनऊ विश्वविद्यालय) की विशेष जूरी ने किया।
पुरस्कार श्रेणी विजेता संस्थान / प्रतिभागी पुरस्कार राशि
विजेता (Champions)
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) ₹25,000 + ट्रॉफी
उपविजेता (Runner-up)
चंडीगढ़ विश्वविद्यालय ₹11,000 + ट्रॉफी
सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता (Best Researcher)
डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी पदक एवं प्रमाण पत्र
सर्वश्रेष्ठ स्मारक (Best Memorial)
आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ (AIL) पदक एवं प्रमाण पत्र
सर्वश्रेष्ठ वक्ता (Best Speaker) मल्लिका चढ्ढा (लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी) विशेष सम्मान
सर्वश्रेष्ठ क्षेत्रीय टीम बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी (BBAU) विशेष सम्मान
विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर डॉ. सैयद नदीम अख्तर ने विजेताओं को पुरस्कृत करते हुए कहा:
”विधि के छात्रों के लिए तर्क केवल शब्द नहीं, बल्कि न्याय तक पहुँचने का रास्ता हैं। इस प्रतियोगिता ने यह साबित किया कि भारत का कानूनी भविष्य सुरक्षित और बेहद प्रतिभाशाली हाथों में है।”
इस अवसर पर कुलपति प्रो. फुरकान कमर और डीन प्रो. नसीम अहमद ने भी प्रतिभागियों के अटूट उत्साह की सराहना की।



