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लखनऊ

धानुका एग्रीटेक लिमिटेड ने लखनऊ में शुगरकेन सस्टेनेबिलिटी पर आयोजित की विशेष सेमिनार

लखनऊ : सम्वाददाता ::

स्थायी कृषि रसायन समाधानों में लीडर धानुका एग्रीटेक लिमिटेड ने गोमती नगर स्थित नोवोटेल लखनऊ के बॉलरूम में विशेष सेमिनार का आयोजन किया, कार्यक्रम का विषय था ‘‘गन्ना विकास सर्वोत्तम पैदावार”। इस कार्यक्रम में सरकारी अधिकारियों, शुगर मिल मालिकों, गन्ना विशेषज्ञों तथा किसान विकास केन्द्र, आईआईएसआर के वैज्ञानिकों, ज़िला गन्ना अधिकारियों एवं अन्य नीतिनिर्माताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, उन्होंने उत्तर प्रदेश में गन्ने की उपज और गुणवत्ता में सुधार लाने तथा इस क्षेत्र की चुनौतियों को हल करने के लिए आधुनिक समाधानों पर चर्चा एवं विचार-विमर्श किया।
इस कार्यक्रम में शिरकत करने वाले माननीय अतिथियों में डॉ. बख्शी राम (पद्मश्री, पूर्व निदेशक, गन्ना प्रजनन संस्थान), श्री माधवेंद्र प्रताप सिंह, एमएलए, स्वयाज़पुर (हरदोई), उत्तर प्रदेश, डॉ. कुमार विनीथ, आईएएस, एमडी, यूपी कॉऑपरेटिव शुगर फैक्टरीज़ फेडरेशन लिमिटेड तथा श्री रोशन लाल तमक, ईडी एवं सीईओ – चीनी व्यापार, डीसीएम शृराम लिमिटेड शामिल रहे।
सेमिनार के दौरान कई मुख्य क्षेत्रों पर ध्यान केन्द्रित किया गया जैसे उत्तर प्रदेश में प्रति हेक्टेयर कम गन्ना उपज की समस्या को हल करना, जो वर्तमान में औसत 84 टन है, जबकि तमिलनाडु में यह औसत 105 टन है- इसके कारणों को पहचानना जैसे आधुनिक तकनीकों की सीमित उपलब्धता (बीज, मिट्टी की जांच, प्रेसीज़न स्प्रे टेक्नोलॉजी एवं फाइनैंस), मार्केट का अनुपयुक्त एक्सेस तथा खेती के लिए उचित इनपुट्स का उपयोग न किया जाना। सेमिनार के दौरान पेश किए गए आंकड़ों ने इस बात पर रोशनी डाली कि यूपी में प्रगतिशील किसानों ने 284 टन तक की उत्पादकता भी हासिल की है (जैसा कि 16-17 नवम्बर को लखनऊ में आयोजित सीआईआई शुगरटेक मीटिंग के दौरान कहा गया), हालांकि प्रदेश में अभी भी बहुत अधिक क्षमता है, जिसका सदुपयोग किया जा सकता है। सीआईआई मीटिंग के दौरान यूपी के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उपजाऊ ज़मीन तथा गंगा एवं यमुना जैसी नदियों से पर्याप्त जल संसाधनों के उपलब्ध होने के कारण प्रदेश में खेती के उत्पादन को बढ़ाकर तीनगुना या चारगुना तक भी किया जा सकता है।
एक तुलनात्मक विश्लेषण में पाया गया है कि भारत में गन्ने की प्रति हेक्टेयर उपज और किसानों की आय चीन की तुलना में केवल एक तिहाई है, और अन्य विकसित देशों की तुलना में मात्र 25-30 फीसदी है। इन चुनौतियों पर बात करते हुए डॉ. आर जी अग्रवाल, चेयरमैन एमेरिटस ने उत्पादकता एवं मुनाफ़ा बढ़ाने के लिए आधुनिक कृषि प्रथाओं तथा वैज्ञानिक प्रगति की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।


धानुका एग्रीटेक ऐसे आधुनिक समाधान उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है जो देश भर में गन्ना किसानों की उत्पादकता एवं मुनाफ़ा बढ़ाने में कारगर साबित हों।

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